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About book : "चोरों की बारात" सुरेंद्र मोहन पाठक का एक प्रसिद्ध हिंदी उपन्यास है, जो रोमांच और रहस्य से भरा हुआ है। इस उपन्यास की कहानी मुख्य रूप से अपराध की दुनिया पर आधारित है और इसमें पाठकों को सस्पेंस, ट्विस्ट और टर्न्स की अद्भुत झलक मिलती है। कहानी का मुख्य पात्र विकास मल्होत्रा है, जो एक स्मार्ट और चालाक व्यक्ति है। वह अपने चार दोस्तों के साथ मिलकर एक बड़ी चोरी की योजना बनाता है। यह योजना बहुत ही शातिर और सोच-समझ कर बनाई जाती है, जिसमें एक बड़े व्यापारी के घर से बहुमूल्य वस्तुएं और पैसे चुराने की योजना होती है। हालांकि, यह कहानी केवल चोरी की योजना और उसके क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है। सुरेंद्र मोहन पाठक ने इसमें मानवीय भावनाओं, दोस्ती, विश्वासघात और रहस्य का बेहतरीन मिश्रण किया है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, विकास और उसके दोस्तों के बीच के रिश्तों में उतार-चढ़ाव आते हैं। कहानी में कई मोड़ आते हैं जब पुलिस इस चोरी की जांच में शामिल होती है और विकास और उसके दोस्तों को पकड़ने की कोशिश करती है। इसके अलावा, कहानी में कई पात्र और उपकथाएं हैं जो मुख्य कथा को और भी रोमांचक बनाती हैं। "चोरों की बारात" में सुरेंद्र मोहन पाठक ने अपराध और थ्रिलर की दुनिया को बहुत ही रोचक और रोमांचक तरीके से प्रस्तुत किया है। यह उपन्यास न केवल अपराध की कहानी है, बल्कि इसमें मानव स्वभाव, दोस्ती, धोखा और संघर्ष का भी अद्भुत चित्रण है।
Product details
- Language : Hindi
- Author Name: Surender Mohan Pathak
- Publisher: Raja Pocketbooks
- Paperback : 288 pages (image may vary)
- ISBN : 978-93-80871-41-7
- Item Weight : 227 g
- Dimensions : 20 x 14 x 4 cm
