Fourty one Anmol Kahaniya

0 (0 Reviews)
MRP.175 Rs. 88
  • Availability : In Stock
  • Author Name : Munshi Premchand
  • Available to : Purchase / Borrow

Why Borrow ? : Avoid repeated cost on books buying or renting .You can take more risks in reading because you don’t have to commit to buying everything you read.If you don’t like a book, just take it back. Borrow Now

About book : इस कथा-संग्रह में प्रेमचंद ने सामाजिक व्यवस्था, धर्म, जाति तथा ठेठ देहाती जीवन का शब्द चित्रण किया है प्रेमचंद की लगभग सभी रचनाओं में भारतीय गांव की मिट्टी की खुशबू आती है।प्रेमचंद ने अपनी कहानियों में भारतीय समाज में व्याप्त रूढ़िवादी परम्परा, अंधविश्वास, स्त्रियों पर अत्याचार एवं अन्य सामाजिक विसंगतियों का बहुत ही सहजता से उल्लेख किया है। बदलते समय के साथ-साथ प्रेमचंद की प्रसिद्धि बढती गई। उनके द्वारा रचित हर रचना को पाठक बहुत ही जिज्ञासा से पढ़ते हैं 

About Author : मुंशी प्रेमचंद का नाम धनपत राय था। मुंशी जी का जन्म 31 जुलाई सन् 1880 को बनारस के पास लमही नामक गांव में हुआ था। उन्होंने मध्यम वर्गीय परिवार में जन्म लेने के कारण अभाव और असुविधाओं के बीच जन-जीवन को बहुत ही गहराई से देखा और अपना जीवन साहित्य के प्रति समर्पित कर दिया। उन्हें एक महान उपन्यासकार, कथाकार और बहुत सी उपाधियों से सम्मानित किया गया। 8 अक्टूबर सन् 1936 को मुंशी जी का बीमारी के कारण निधन हो गया।

  • Book format : Paperback.
  • Number of pages : 368
  • Publication house : Mapple press pvt. ltd.
  • Language : Hindi
  • Book genre : Literary story collection
  • ISBN : 978-93-50337-31-8 

Check your subscription plan


Learn more Whatsapp your query

Buy Now