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About Book : हृदय रोग का नाम सुनते ही लोग डर जाते हैं। इसलिए, इस पुस्तक का मुख्य उद्देश्य हृदय रोग को सही परिप्रेक्ष्य में देखना है। इसमें सरल ढंग से बताया गया है कि हृदय की संरचना और उसके कार्य में विकृति आने पर कोन-कौन से परिवर्तन होते हैं। हृदय रोग के चिह्नों और लक्षणों, परीक्षण और उपचार (दया एवं शल्यक्रिया) की सामान्य विधियों तथा रोकथाम के उपायों की विस्तार से चर्चा की गई है आशा की जाती है कि हृदय रोग के बारे में प्रचलित भ्रांतियों को दूर करने में यह पुस्तक सहायक सिद्ध होगी।
About author : पद्मविभूषण सहित अनेक मान-सम्मान प्राप्त डा. एस. पद्मावती, एफ.आर.सी.पी. (लंदन), एफ.आर.सी.पी.ई., एफ.ए.सी.सी, एफ.ए.एम. एस.डी. एससी., 45 वर्षों से अधिक समय से रोगी परिचर्या विज्ञान, अनुसंधान एवं शिक्षा से जुड़ी हुई हैं। वह लेडी हार्डिंग मेडिकल कालेज में प्रोफेसर और बाद के वर्षों में इसी कालेज में, तथा लोकनायक जयप्रकाश नारायण एवं जी.बी पंत अस्पताल में निदेशक एवं प्रिंसीपल रहीं डा. पद्मावती आल इंडिया हर्ट फाउंडेशन की अध्यक्ष तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित अनेक संस्थाओं की हृदय से संबंधित समितियों की माननीय सदस्य भी हैं।
Product details
- Language : Hindi
- Author Name : S padmavati
- Publisher : national book trust
- Paperback : 65 pages
- ISBN : 978-81-237-2102-6
