Sampoorn Chanakya Niti

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  • Availability : In Stock
  • Author Name : Pt. Satyanarain sharma
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  • Book condition : Good condition preloved book

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About book : सम्पूर्ण चाणक्य नीति : सूत्र एवं अर्थशास्त्र सहित - लगभग 2350 वर्ष पूर्व लिखा गया यह कालजयी ग्रंथ-अर्थशास्त्र, राजनीतिशास्त्र तथा प्रशासन व्यवस्था पर आज भी पूर्णतयः प्रासंगिक है।

  • चाणक्य वाणी
  • जो मनुष्य जिस कार्य में निपुण हो, उसे वही कार्य सौंपना चाहिए। अपनी शक्ति को जानकर ही कार्य आरम्भ करें।
  • रात्रि के अंत में, यानी प्रात: काल में, दिनभर के कार्यों पर विचार करना चाहिए।
  • बुरे मित्र से तो समझदार शत्रु ही ठीक है। 
  • बुद्धिमान मानव का कोई शत्रु नहीं होता।
  • व्यवहार से ही आचरण जाना जाता है। 
  • निपुणता कोई जरूरी नहीं कि अच्छे गुणों के कारण हो ।
  • अत्याधिक चमकने पर भी जुगनू आग नहीं होता।
  • विश्वासपाती की मुक्ति कभी नहीं होती।
  • ज्ञानियों को संसार का भय नहीं होता।
  • साधु पुरुष अपने जीवन को दूसरों की भलाई में लगा देते हैं। 
  • संयोग से कीट भी लकडी को कतरते-कतरते चित्रनुमा बना देता है। इसका मतलब यह नहीं कि वह चित्रकार है।
  • About Author : Pt.Satya narain sharma 
  • Book format : Paperback.
  • Number of pages : 224
  • Publication house : Sakshi Prakashan
  • Language : Hindi
  • Book genre : Self improvment /Social / Spritiual 
  • ISBN : 81 -86265- 12-0

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