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About Book : चेहरे पर हँसी और मुसकान को देखकर खुशी को परिभाषित नहीं किया जा सकता है। खुशी चेहरे पर नहीं; अंतर की गहराई में होती है; जो चेहरे पर झलके; यह जरूरी नहीं है। वैसे खुश रहने का कोई फॉर्मूला नहीं होता। लोग अपने आप में खुश रहते हैं। किसे किस बात में खुशी मिलेगी; यह कहा नहीं जा सकता। वे खुद भी सही-सही नहीं बता सकते हैं कि उन्हें किस बात में खुशी मिलेगी। हर कोई अपने आप में खुश रहता है या अपने आप में दुःखी रहता है। खुश रहने का लोगों का अपना-अपना सिद्धांत है; अपना-अपना तरीका है; अपना-अपना विचार है।
निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि खुश रहना अपने हाथ में है। किसी को बड़ी उपलब्धि पर खुशी मिलती है तो किसी को छोटी उपलब्धि पर बड़ी खुशी मिलती है। कोई छोटी बात पर बहुत खुश हो जाता है; कोई बड़ी बात पर भी खुश नहीं हो पाता है। यानी जो जिस बात में अधिक खुशी ढूँढ़ता है; वह उतना ही अधिक खुश होता है। जो कम खुशी ढूँढ़ता है; वह कम खुश रहता है।
प्रस्तुत पुस्तक में यही बताया गया है कि खुशियाँ दिखाई नहीं देतीं; महसूस की जाती हैं। खुशियाँ हमारे आस-पास ही बिखरी पड़ी हैं। बस; उन्हें समेटने की जरूरत है; सुनहरे पलों में कैद करने की जरूरत है। हम अगर छोटे-छोटे पहलुओं में खुशियाँ ढूँढ़ें तो हमारे पास दुःख नाम की चीज नहीं रह जाएगी।
About Author : जन्म: 15 जनवरी, 1965। शिक्षा: बी.एससी., बी.एच.एम.एस., एन.डी.। प्रकाशन: ‘जो सोचें सो कैसे पाएँ’ (हिंदी व गुजराती में), ‘सफलता ही सफलता’, ‘सोचें और विजेता बनें’, ‘आप भी बन सकते हैं अमीर’, ‘अमीर बनने के 55 अचूक मंत्र’ (हिंदी, मराठी, बँगला और गुजराती भाषाओं में), ‘फिल्म पत्रकारिता’, ‘क्राइम पत्रकारिता’, ‘स्वतंत्र पत्रकारिता’, ‘बॉडी लैंग्वेज’, ‘घर बैठे सौंदर्य उपचार’, ‘200 ब्यूटी टिप्स’, ‘फल एवं सब्जियों द्वारा सौंदर्य उपचार’, ‘1001 हेल्थ टिप्स’, ‘251 स्वास्थ्य संबंधी गलतफहमियाँ’, ‘किस बीमारी में क्या खाएँ, क्या न खाएँ’, ‘सफल सेक्स के 251 टिप्स’, ‘222 सेक्स संबंधी गलतफहमियाँ’, ‘1001 लव टिप्स’ (हिंदी व अंग्रेजी में) के साथसाथ पत्रपत्रिकाओं में लगभग दस हजार लेख प्रकाशित।. --This text refers to an out of print or unavailable edition of this title.
Product details
- Language : Hindi
- Author Name : M.K majumdar
- Publisher : Prabhat paerbacks
- Paperback : 162 pages
- ISBN : 978-93-5186-531-5
