Why Borrow ? : Avoid repeated cost on books buying or renting .You can take more risks in reading because you don’t have to commit to buying everything you read.If you don’t like a book, just take it back. Borrow Now
About Book : यह पुस्तक करुण और मर्मांतक दास्तान है उन पीड़ितों की, जिन पर एसिड उड़ेलकर उनकी जिंदगी नर्क बना दी गई। यह दस्तावेज है, उन अनसुनी- अनकही हकीकतों का, जिन पर अब तक ध्यान नहीं दिया गया। एसिड हमले के बाद पीड़ित किस किस्म की शारीरिक और मानसिक यंत्रणा से गुजरती है; वो और उसका परिवार कैसे टूटता चला जाता है और सिस्टम कैसे मूकदर्शक बनकर सबकुछ देखता रह जाता है, यह पुस्तक उसी की छानबीन है। पीड़ितों के संघर्ष के मनोवैज्ञानिक पहलू भी बेहद विचलित करनेवाले हैं, जिनका इस पुस्तक में गहराई से विश्लेषण है।
समाज में एसिड फेंककर किसी का जीवन बरबाद कर देनेवाली बढ़ती घटनाओं के प्रति आक्रोश, उनको रोकने के प्रयास और पीड़ितों के संघर्ष की सफल-गाथा है यह पुस्तक।
About Author : प्रतिभा ज्योति हजारीबाग के सेंट कोलंबस कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से मास मीडिया में पी.जी. डिप्लोमा की डिग्री प्राप्त की। विगत 16 वर्षों से पत्रकारिता से संबद्ध। रिपोर्टिंग की शुरुआत दिल्ली में 'अमर उजाला' से हुई। चरखा फीचर सर्विस' में काम करने के दौरान विकास-पत्रकारिता को करीब से समझने का मौका मिला और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए 'विकास संवाद' नामक एक मार्गदर्शिका तैयार की।
अमर उजाला, नई दुनिया और राजस्थान पत्रिका के पॉलिटिकल ब्यूरो में एक दशक तक संसदीय और राजनीतिक मुद्दों की रिपोर्टिंग एवं लेखन। इसी दौरान महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर सरोकार की पत्रकारिता की। इन मुद्दों पर लगातार लेखन की वजह से वर्ष 2006 में भारत-चीन मैत्री वर्ष पर हुए विशेष सम्मेलन में भाग लेने बीजिंग भी गई। लेखिका को हिंदी मीडिया के प्रतिनिधि के रूप में प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया गया। अभी महिलाओं पर केंद्रित ई-मैगजीन' वुमनिया' की संपादक हैं।
Product details
- Language : Hindi
- Author Name : Partibha jyoti
- Publisher : prabhat books
- Paperback : 208 pages
- ISBN : 978-93-86231-92-5
- Item Weight : 164 g
- Dimensions : 2 x 14 x 22 cm
